
फरीदाबाद जिले की सभी 6 सीटों पर अब मतदान की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जिले मतदान के दौरान सभी बूथों व क्षेत्रो से लोगों के रुझान के अनुसार जिले में जहां कई सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला है, वहीं कई स्थानों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव को अपने पक्ष में ला खड़ा कर दिया है। निर्दलीय उम्मीदवारों या कांग्रेस के बागी उम्मीदवारों के चलते दो सीटों पर कांग्रेस प्रतियाशिओ को काफी पीछे धकेल दिया है।
तिगांव विधान सभा क्षेत्र में मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी राजेश नागर और निर्दलीय उम्मीदवार ललित नागर के बीच नजर आया। जिसमे ललित नागर को ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक जनसमर्थन मिलता नजर आया तो भाजपा प्रत्याशी राजेश नागर को शहरी क्षेत्रों में बढ़त मिलने की संभावना है। ग्रामीण इलाको में अधिक मतदान होने के चलते निर्दलीय उम्मीदवार ललित नागर को इस चुनाव में बढ़त नजर आ रही है।
फरीदाबाद विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी विपुल गोयल और कांग्रेस उम्मीदवार लखन सिंगला के बीच कड़ा मुकाबला है। भाजपा सरकार के प्रति लोगो की नाराजगी और राज्य में कांग्रेस की हवा लखन सिंगला के पक्ष में कारगर सिद्ध हो सकती है।
बड़खल विधानसभा चुनाव में तो कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रताप के पक्ष में एकतरफा माहौल नजर आया। भाजपा प्रत्याशी धनेश अधलखा के प्रति लोगो की नाराजगी और सरकार से खफा यहां के मतदाताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में एकतरफा मतदान करने की सूचना है।
त्रिकोणीय मुकाबले में फसी एनआईटी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के निवर्तमान विधायक नीरज शर्मा का मुख्य मुकाबला इनलो – बसपा प्रत्याशी नगेन्द्र भड़ाना के बीच होने की संभवना है। भाजपा उम्मीदवार सतीश फागना एक तो बहरी उम्मीदवार है और ऊपर से भाजपा सरकार के प्रति लोगो नाराजगी ने उन्हें पीछे कर दिया है। नगेन्द्र भड़ाना और सतीश फागना दोनों एक ही जाती गुर्जर से है। इसलिए उनकी वोट आपस में बटने की सम्भावना है। इस सीट पर कांटे का मुकाबला है।
बल्लभगढ़ विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस सीट पर मुख्य मुकाबला निर्दलीय उम्मीदवार शारदा राठौर और भाजपा प्रयाशी और दस साल से लगातार विधायक रहे निवर्तमान मंत्री मूलचंद शर्मा के बीच है। दस साल के शासन से खफा और प्रत्याशी के प्रति लोगो की नाराजगी इस बार उनकी हेड ट्रिक पर लगाम लगा सकती है। निर्दलीय उम्मीदवार शारदा राठौर को जहां कॉलोनियों, सेक्टर -22 , संजय कॉलोनी , सेक्टर 23 ए और मुजेसर व ऊंचा गांव में अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद है तो वही भाजपा प्रत्याशी मूलचंद को शहरी मतदाताओं और सेक्टर 23 में अधिक समर्थन मिलने की सम्भावना है। यहां फ़िलहाल शारदा राठौर का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। क्योंकि शहरी वोटो में निर्दलीय उम्मीदवार राव राम कुमार ने भी काफी सेंध लगाई है।
पृथला विधानसभा की बात करें तो यहां से कांग्रेस प्रत्याशी रघुवीर तेवतिया सीट निकाल सकते है। क्योंकि इस क्षेत्र में भाजपा से बागी कई नेता निर्दलीय तौर पर चुनाव मैदान में थे। जो भाजपा को ही नुकसान पंहुचा सकते है।