
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता रामफल जांगड़ा ने कहा कि देखिए… कानून, नियम, लोकतंत्र, लोकतांत्रिक प्रक्रिया सब ध्वस्त हो रही है। जांगिड़ महासभा, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना था। लेकिन, कुछ प्रतिष्ठित मठाधीशों की शुरू से यही कोशिश थी कि किसी भी तरह से चुनाव न होने पाएं और 5,7,10 लोग बंद कमरे में बैठकर तथाकथित सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष चुन लें।मगर, मठाधीशों का बस न चला और चुनाव की अधिसूचना जारी हुई और 4 प्रत्याशियों ने नामांकन भरा।लेकिन, पिछले दिनों गुड़गांव की मीटिंग में फिर पूरे समाज को मूर्ख बनाने काम किया गया। 4 प्रत्याशियों में से सिर्फ 2 की पर्ची सामने आयी। 2 उम्मीदवार चुनाव चाहते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें गुपचुप तरीके से बैठा दिया जाता है। बाकी बचे 2 उम्मीदवारों से एक को अध्यक्ष घोषित करके 1 को कोई पद देने की बात कह दी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में लोकतांत्रिक क्या था उन्होंने कहा कि इस ड्रामेबाजी को हम नहीं मानते। चुनाव हो, निष्पक्ष चुनाव हो। सभी उम्मीदवार अपना प्रचार करें, सामाजिक-राजनीतिक चर्चा हो। फिर मतदान हो, जो जीते फिर वो प्रधान बने।