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नवजात को देना अनिवार्य है हेपेटाइटिस बी, ओरल पोलियो वैक्सीन तथा बीसीजी की डोज, नहीं देने पर लगेगा जुर्माना : डीसी विक्रम सिंह #PrimeIndiaTV

फरीदाबाद,07 जनवरी | के सी माहौर | डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में जिला फरीदाबाद में संचालित सभी सरकारी तथा गैर सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों, डिलिवरी हट व अन्य संस्था जहां पर महिलाओं की डिलिवरी करवाई जाती है, वहां पर टीकाकरण कार्यक्रम के तहत नवजात बच्चे को 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस बी, ओरल पोलियो वैक्सीन तथा बीसीजी की डोज देना एक जनवरी से अनिवार्य किया गया है। ऐसा न करने पर संस्था को पांच सौ रुपये प्रति बच्चा जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया गया है। इसलिए ऐसे में संबंधित संस्थान शिशु का टीकाकरण सुनिश्चित करें। डीसी विक्रम सिंह ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि वे सभी आंगनबाड़ी सेंटरों के माध्यम से टीकाकरण बारे गर्भवती महिलाओं को सूचना दें। डीसी विक्रम सिंह ने जिला में संचालित सभी ईंट भट्ठों के मालिक, हैचरी व औद्योगिक इकाइयों सहित अन्य ऐसी जगह जहां पर प्रवासी मजदूर रह रहे हो, वहां भी गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में करवाने के लिए प्रेरित करें ताकि कोई भी नवजात बच्चा यह तीनों डोज के बिना वंचित न रहें। सरकारी हिदायतों की सूची के अनुरूप टीके लगाए डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ वैकल्पिक टीके भी शिशुओं को लगाने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को सरकार द्वारा निर्देशित टीकाकरण सूची के अनुसार टीके लगवाए जाएं, तो बचपन में होने वाली बीमारियों के मामले काफी हद तक कम हो जाएंगे। साथ ही पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में भी काफी कमी आ जाएगी। इस सारणी का उद्देश्य इन बीमारियों को पूरी तरह से खत्म करना है। डीसी विक्रम सिंह ने अभिभावकों का आह्वान किया कि वे अपने 9 से 12 महीने के बच्चों को एफआईपीवी-3 की डोज अवश्य दिलवाएं। इसके लिए आंगनवाडी व आशा वर्कर नवजात शिशुओं की माताओं को प्रेरित करें। बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अनिवार्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ विनय गुप्ता ने बताया कि टीकाकरण, शिशु को गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है। चिकित्सकों की सलाह है, कि बच्चों को बचपन की सबसे आम और खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित करने के लिए टीके लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि शिशु और छोटे बच्चों को विशेष तौर पर इन बीमारियों का खतरा होता है। यही कारण है कि टीकाकरण जन्म के समय से ही शुरु हो जाता है और डॉक्टर से शिशु का चेकअप करवाने का ये सबसे जरूरी कारण होते हैं। नवजात को जन्म के 24 घंटे के अंदर दी जाने वाली यह जरूरी डोज टीकाकरण कार्यक्रम के तहत शिशु को नियमित तौर पर डिलीवरी संस्था द्वारा दी जाएगी।

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