
फरीदाबाद ( के सी माहौर की रिपोर्ट ) एचएसवीपी द्वारा पुस्तकालय भवन के निर्माण पर लगभग 3.85 करोड़ रुपये की लागत राशि खर्च की गयी, साथ ही ई-लाइब्रेरी के विकास पर 1.99 करोड़ रुपये सीएसआर के अंतर्गत खर्च किए गए हैं। पुस्तकालय भवन के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर उद्घाटन किया। उनके साथ बड़खल विधायक धनेश अदलखा, फरीदाबाद एनआईटी विधायक सतीश फागना, होडल विधायक हरेंद्र सिंह और भाजपा जिलाषयाक्ष पंकज पूजन रामपाल भी मौजूद रहे। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि यह सुविधा नए भारत की सोच और डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते साढ़े ग्यारह वर्षों में देश में डिजिटल क्रांति आई है, जिसने न केवल भ्रष्टाचार पर प्रहार किया है बल्कि आम नागरिक, किसान, मजदूर और महिलाओं को भी सीधे लाभ पहुंचाया है। यह पुस्तकालय आधुनिक तकनीक से सुसज्जित एक हाई-टेक ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जो विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा को डिजिटल और पारंपरिक दोनों माध्यमों से सशक्त करना समय की आवश्यकता है। ई-लाइब्रेरी इसी सोच का परिणाम है, जहां एक ही स्थान पर डिजिटल संसाधन, पुस्तकें, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना अनिवार्य है। श्री गुर्जर ने बताया कि यह ई-लाइब्रेरी फरीदाबाद के युवाओं को समर्पित की गई है, जहां वे ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, पॉडकास्ट, ऑडियो-विजुअल सत्रों और ग्रुप डिस्कशन सुविधाओं के माध्यम से ज्ञान अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी डिजिटल भी है और पारंपरिक पुस्तकों से भी समृद्ध है, जिससे छात्रों को समग्र अध्ययन का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इस पुस्तकालय में एयर-कंडीशन सुविधा, हाई-स्पीड इंटरनेट, फायर फाइटिंग सिस्टम, आधुनिक व आरामदायक फर्नीचर तथा विस्तृत बैठक कक्ष उपलब्ध कराए गए हैं। भवन में मेजनाइन फ्लोर, चार ग्रुप डिस्कशन चेंबर्स, ऑडियो-विजुअल रूम तथा लंबी अवधि तक अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई बैठने की व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके साथ ही 200 विद्यार्थियों की क्षमता वाला कम्युनिटी लर्निंग ऑडिटोरियम भी तैयार किया गया है। साथ ही पुस्तकालय परिसर में मल्टी मीडिया रूम, रीडिंग हॉल और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही परिसर के आसपास गार्डन क्षेत्र को भी विकसित किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी खुले और शांत वातावरण में अध्ययन कर सकें। यहां भौतिक पुस्तकों के साथ-साथ एक उन्नत डिजिटल लाइब्रेरी सेक्शन भी तैयार किया गया है, जिसमें ई-बुक्स, ऑनलाइन शिक्षण सामग्री और डिजिटल अध्ययन संसाधन उपलब्ध होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पुस्तकालय में भारतीय इतिहास, संस्कृति, सामान्य ज्ञान, विज्ञान और समसामयिक विषयों से संबंधित पुस्तकें, पत्रिकाएं और समाचार पत्र नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा ऑडियो-विजुअल सत्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और इतिहास का संरचित प्रसार भी किया जाएगा। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में कैफेटेरिया और कैंटीन की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तकालय क्षेत्र में शिक्षा, अध्ययन और बौद्धिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इस अवसर एडीसी सतबीर मान सहित अन्य कई अधिकारीगण व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।



